दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर भाजपा को करारा झटका देते हुए लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6 हजार 16 वोटों के अंतर से हराया। घनश्याम सिंह को कुल 66 हजार 757 वोट मिले, जबकि भाजपा के आशुतोष तिवारी 60 हजार 741 वोटों पर सिमट गए। यह सीट पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को फ्रॉड मामले में दो साल की सजा मिलने के बाद खाली हुई थी, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया गया।
इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के गढ़ से सामने आया। उनके पोलिंग बूथ नंबर 121 पर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां कांग्रेस को 291 वोट मिले, जबकि भाजपा को केवल 264 वोट हासिल हुए। वहीं, आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव मंडल तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 22 हजार 527 वोट मिले। परिणाम सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया, मिठाइयां बांटीं और आतिशबाजी की।
जीत के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने कहा कि यह सिर्फ दतिया की जीत नहीं, बल्कि प्रदेश में भाजपा के अंत की शुरुआत का संकेत है। दूसरी ओर, हार के बाद भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने पार्टी के भीतरघात पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग भाजपा को अपनी मां कहते हैं और फिर अंदर से नुकसान पहुंचाते हैं, उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए। वहीं, चुनाव परिणाम के बाद भोपाल स्थित पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के सरकारी बंगले पर ताला लगा होने की तस्वीरें भी चर्चा का विषय बनी रहीं।
दतिया उपचुनाव के इस नतीजे ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि भाजपा इस हार से क्या सबक लेती है और कांग्रेस इस जीत की लय को आने वाले चुनावों तक कैसे बनाए रखती है।







