ग्वालियर के सिरोल स्थित ईस्ट मैरिडियन हाउसिंग सोसायटी में नवविवाहिता की आत्महत्या का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। छह महीने पहले वृंदावन के मंदिर में सात फेरे लेकर जिस रिश्ते की शुरुआत हुई थी, उसका अंत फांसी के फंदे पर हुआ। पति के कथित धोखे ने महिला को ऐसा सदमा दिया कि उसने उसी फ्लैट में अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली, जहां वह अपने पति के साथ रह रही थी।
मृतका की पहचान वैष्णवी उर्फ प्राची भदौरिया के रूप में हुई है। उसकी शादी करीब छह माह पहले शिंदे की छावनी निवासी सत्यनारायण उर्फ राजू भदौरिया से हुई थी। दोनों ने वृंदावन के एक मंदिर में विवाह किया था और बाद में शपथपत्र भी बनवाया था। इसके बाद दोनों सिरोल स्थित फ्लैट में रहने लगे।
परिवार के मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद प्राची को पति की गतिविधियों पर संदेह होने लगा। बताया जाता है कि वह दिनभर गायब रहता था। जब प्राची ससुराल पहुंची तो उसे पता चला कि राजू पहले से शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता भी है। यह सच सामने आते ही विवाद हुआ। आरोप है कि विरोध करने पर प्राची के साथ मारपीट भी की गई।
सदमे और अपमान से आहत प्राची फ्लैट पर लौटी और वहीं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले उसने मोबाइल पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने साफ कहा कि यदि उसकी मौत होती है तो इसके लिए राजू भदौरिया और उसके स्वजन जिम्मेदार होंगे। वीडियो में उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके पिता और भाई को बुलाकर डराया-धमकाया गया और कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए।
घटना की सूचना खुद राजू ने प्राची के मायके पक्ष को दी। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा तुड़वाकर शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंद्रह साल का फासला, झूठ का जाल और टूटा भरोसा
परिजनों का कहना है कि राजू उम्र में प्राची से करीब 15 साल बड़ा था और खुद को कुंवारा बताकर उसने शादी का झांसा दिया। कुछ महीनों की पहचान के बाद उसे वृंदावन ले जाकर शादी की रस्में निभाईं। परिजनों का आरोप है कि यह सब एक सुनियोजित धोखा था।
अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ पारिवारिक विवाद था या सुनियोजित छल? पुलिस जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी, लेकिन सात फेरों में बंधा विश्वास जिस तरह टूटा, उसने एक और बेटी की जिंदगी छीन ली।







