कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने आंदोलन के दौरान किए गए वादों को अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया है। CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सरकार हर बार अधूरे वादे करके बच नहीं सकती।
पार्टी के मुताबिक सरकार के सामने रखी गई चार मांगों में से तीन मांगें अभी भी अधूरी हैं। इनमें सबसे पहली मांग है कि आंदोलन से जुड़े छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। दूसरी मांग है कि छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाए और उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई न की जाए। वहीं तीसरी मांग RAF यानी रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस से माफी मांगने की है।
CJP ने अब इन मांगों को लेकर दोबारा आंदोलन का रास्ता चुना है। पार्टी ने ऐलान किया है कि 5 सितंबर को दिल्ली में फिर मार्च निकाला जाएगा। इसके साथ ही CJP ने लोगों से बड़ी संख्या में इस मार्च में शामिल होने की अपील की है।
दरअसल, NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ी जैसे मुद्दों को लेकर CJP ने 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था। आंदोलन के दौरान छात्रों की मांगों को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाया गया।
इसके बाद 25 जुलाई को सरकार की ओर से आश्वासन मिलने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया था। लेकिन अब पार्टी का कहना है कि आश्वासन के बावजूद तीन अहम मांगें पूरी नहीं हुई हैं।
ऐसे में 5 सितंबर का प्रस्तावित मार्च एक बार फिर सरकार और CJP के बीच टकराव की वजह बन सकता है। अब देखना होगा कि मार्च से पहले सरकार इन लंबित मांगों पर कोई ठोस फैसला लेती है या फिर दिल्ली में आंदोलन का एक नया दौर शुरू होता है।







