मध्यप्रदेश में बढ़ते अवैध खनन, जनसुनवाई में आत्मदाह और जहर खाने जैसी घटनाओं पर प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सख्त नाराजगी जताई है। बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि आखिर ऐसा माहौल क्यों बन रहा है कि लोग अपनी जान देने पर मजबूर हो रहे हैं और अवैध खनन करने वालों में कानून का कोई डर नहीं बचा है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि कोई भी व्यक्ति पुलिस या प्रशासन पर ट्रैक्टर और बाइक चढ़ाने की हिम्मत कैसे कर सकता है। यह सीधे तौर पर कानून व्यवस्था और सुशासन पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कलेक्टर और एसपी को ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार बताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएस अनुराग जैन ने अवैध खनन में लगे बिना नंबर और टूटी नंबर प्लेट वाले वाहनों को तुरंत जब्त कर राजसात करने के आदेश दिए। साथ ही ऐसे वाहनों की जल्द नीलामी करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने पुराने खनन अपराधों की फाइलें दोबारा खोलने और यह पता लगाने को कहा कि किन मामलों में अब तक आरोपियों को सजा नहीं मिली है। जहां कार्रवाई अधूरी है, वहां तुरंत प्रक्रिया पूरी कर दोषियों को सजा दिलाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई को जनता की समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि अधिकारी इन मामलों को केवल औपचारिकता न समझें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में आने वाले लोगों के साथ संवेदनशील और मानवीय व्यवहार होना चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय और भरोसा मिल सके।
उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन के 100 प्रतिशत मामलों को गंभीरता से अटेंड किया जाए और जनता को समय पर राहत पहुंचाई जाए। प्रदेश में लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच मुख्य सचिव का यह सख्त संदेश प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़ा संकेत माना जा रहा है।







