दतिया उपचुनाव में चुनाव प्रचार थम चुका है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी और जीत-हार के दावे अब भी पूरे शबाब पर हैं। आखिरी दिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। नेताओं ने गली-गली और घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया और अपने पक्ष में मतदान की अपील की।
प्रचार खत्म होने के बाद अब दोनों दल डोर-टू-डोर संपर्क के जरिए मतदाताओं को साधने में जुटे हैं। इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस दतिया उपचुनाव में 25 हजार वोटों से जीत दर्ज करेगी। पटवारी ने अपने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए कहा कि जनता बदलाव का मन बना चुकी है और परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आएंगे।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के इस दावे पर पलटवार किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के बड़े-बड़े दावे सिर्फ कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश हैं। भाजपा का दावा है कि जनता विकास और स्थिरता के मुद्दे पर एक बार फिर कमल का साथ देगी और कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ेगा।
उधर प्रदेश की राजनीति में एक और तस्वीर चर्चा का विषय बनी हुई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नहीं बल्कि गोपाल भार्गव के साथ सामने आई तस्वीर को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि इस तस्वीर को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है।
अब सबकी नजरें मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। किसका दावा सच साबित होगा और जनता किसे अपना समर्थन देगी, इसका फैसला मतपेटी से निकले जनादेश में साफ हो जाएगा। फिलहाल दतिया का सियासी मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर वाला माना जा रहा है।







