मध्य प्रदेश में सेना से अग्निवीर के रूप में चार साल की सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने वर्दीधारी सरकारी पदों की भर्ती में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह फैसला मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
सरकार के इस निर्णय का लाभ पांच विभागों की वर्दीधारी भर्तियों में मिलेगा। इनमें वन विभाग के वनरक्षक, गृह विभाग के सामान्य पुलिस आरक्षक, स्पेशल आर्म्ड फोर्स यानी SAF के सशस्त्र आरक्षक, जेल विभाग के जेल प्रहरी और आबकारी विभाग के आबकारी आरक्षक पद शामिल हैं।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए MSME मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि इन पदों पर अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यानी सेना में अग्निवीर के तौर पर अपनी सेवा पूरी करने वाले पात्र युवाओं को इन सरकारी भर्तियों में अलग आरक्षण का लाभ मिलेगा।
गौर करने वाली बात यह है कि मध्य प्रदेश में वर्दीधारी पदों की भर्ती में पहले से ही होमगार्ड और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है। नई व्यवस्था के बाद अग्निवीरों को भी आरक्षण के दायरे में शामिल किया जाएगा।
वहीं, मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर 2026 में पुलिस आरक्षक और वनरक्षक-जेल प्रहरी जैसी भर्तियों की प्रक्रियाएं भी जारी हैं।
सरकार का यह फैसला उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जो अग्निवीर के रूप में सैन्य सेवा पूरी करने के बाद राज्य की पुलिस, वन, जेल या आबकारी जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
अब इस फैसले के बाद भर्ती नियमों और संबंधित अधिसूचनाओं में अग्निवीर आरक्षण से जुड़े विस्तृत प्रावधान सामने आना बाकी रहेगा। इसलिए पात्रता, आरक्षण की वास्तविक गणना और आवेदन प्रक्रिया के लिए संबंधित भर्ती की आधिकारिक नियम पुस्तिका और अधिसूचना को देखना जरूरी होगा।




