मध्य प्रदेश में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उपयंत्री यानी सब इंजीनियर भर्ती को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में अहम बदलाव किया गया है। अब पात्र संविदा कर्मियों के लिए उपयंत्री पदों की सीधी भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया गया है।
दरअसल, 29 अगस्त 2026 को दोनों विभागों की ओर से उपयंत्री पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। लेकिन इस विज्ञापन में पात्र संविदा कर्मियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख नहीं किया गया था। इसके बाद जबलपुर के आधारताल निवासी राजू यादव सहित 24 संविदा कर्मियों ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि राज्य सरकार की वर्ष 2023 की संशोधित नीति के अनुसार पात्र संविदा कर्मियों को सीधी भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाना है। ऐसे में भर्ती विज्ञापन में इस प्रावधान को शामिल नहीं करना नियमों के अनुरूप नहीं है।
मामले की सुनवाई बुधवार को जस्टिस विवेक कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान भर्ती प्रक्रिया में संशोधन की जानकारी सामने आई और पात्र संविदा कर्मियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू कर दिया गया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नवीन सैनी ने कोर्ट के समक्ष वर्ष 2023 की संशोधित नीति का हवाला दिया था। इसी आधार पर भर्ती विज्ञापन को चुनौती दी गई थी।
अब इस संशोधन के बाद उन पात्र संविदा कर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो उपयंत्री भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के प्रावधान की मांग कर रहे थे। हाईकोर्ट में उठे इस मामले के बाद भर्ती प्रक्रिया में किया गया बदलाव संविदा कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







