संसद के मानसून सत्र का आज का दिन शिक्षा व्यवस्था और लाखों छात्रों के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। एक तरफ विपक्ष लोकसभा में NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाएगा, तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार पेपर लीक पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह आज लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेंगे। इस नए बिल का उद्देश्य 2024 में बने कानून को और ज्यादा सख्त बनाना है, ताकि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सरकार की ओर से इस बिल पर चर्चा के दौरान NDA के कुल 9 सांसद अपनी बात रखेंगे। इनमें भाजपा की बांसुरी स्वराज, तेजस्वी सूर्या, शर्मिला सरकार और मिताली बाग के अलावा TDP, शिवसेना, NCP, अपना दल, LJP (रामविलास) और JDU के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक के आरोपियों के लिए पहले से अधिक कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा। इतना ही नहीं, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अधिकार भी मिलेगा, जहां ऐसे मामलों की रोजाना सुनवाई होगी, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
इस कानून को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही अपना रुख साफ कर चुके हैं। 23 जुलाई को जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा था कि पेपर लीक कोई साधारण अपराध नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सपनों पर सीधा हमला है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि सरकार इस समस्या के खिलाफ कठोर और प्रभावी कदम उठाएगी।
अब सभी की नजरें लोकसभा की कार्यवाही पर टिकी हैं। देखना होगा कि सरकार का यह नया कानून पेपर लीक जैसे संगठित अपराध पर कितना प्रभावी साबित होता है और क्या इससे देश के छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा फिर से मजबूत हो पाएगा।







