NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलनों को लेकर देशभर की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तुरंत नहीं रोकी गई, तो देशभर में व्यापक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से रखने वाले छात्रों पर सख्ती करना उचित नहीं है और सरकार को इस पर तत्काल फैसला लेना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, बिहार और महाराष्ट्र के बाद अब पश्चिम बंगाल सरकार ने भी प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का ऐलान किया है। राज्य के गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और जो केवल आंदोलन का हिस्सा बने थे, उनके खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस फैसले को छात्र संगठनों ने राहत देने वाला कदम बताया है।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के समर्थन में देश के कई राज्यों में प्रदर्शन हुए, जहां कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प तथा हिंसा की घटनाएं भी सामने आई थीं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या अन्य राज्य भी पश्चिम बंगाल की तरह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेंगे, या फिर यह मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक आंदोलन बन जाएगा। फिलहाल छात्रों की मांग, पुलिस कार्रवाई और सरकारों के फैसले को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज होती दिखाई दे रही है।







