मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पुलिस की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां चोरी के आरोप में पकड़ा गया एक आरोपी पुलिस की कस्टडी से हथकड़ी सहित फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि आरोपी को पकड़कर लाने वाले पुलिसकर्मी उसकी निगरानी करने के बजाय रिश्तेदार के फ्लैट पर रात बिताने पहुंच गए।
जानकारी के मुताबिक, छतरपुर में चोरी के आरोप में पकड़े गए सन्नी पाल, उम्र 30 वर्ष, को हाथ में चोट लगने के कारण इलाज के लिए ग्वालियर लाया गया था। आरोपी उत्तराखंड का रहने वाला बताया जा रहा है। उसे लेकर छतरपुर पुलिस के तीन आरक्षक विजय यादव, शुभम शर्मा और संदीप ग्वालियर पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि रात में आरोपी का इलाज नहीं हो सका। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे थाने ले जाने के बजाय अपने एक रिश्तेदार के फ्लैट पर ले गए। आरोप है कि फ्लैट पर रुकने से पहले पुलिसकर्मियों ने होटल में पार्टी भी की।
इसी दौरान पुलिस की निगरानी में रखे गए आरोपी को मौका मिल गया। पुलिसकर्मियों के सोने के बाद सन्नी पाल हथकड़ी सहित फरार हो गया। जब आरोपी के फरार होने की जानकारी सामने आई, तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
इस पूरे मामले पर सीएसपी विश्वविद्यालय रवि भदौरिया ने बताया कि छतरपुर पुलिस के आरक्षक आरोपी को हाथ की चोट का इलाज कराने के लिए ग्वालियर लाए थे। अब पुलिस के सामने फरार आरोपी को तलाशने के साथ-साथ इस बात की जांच करना भी जरूरी है कि आखिर हिरासत में रखे गए आरोपी की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
जिस आरोपी को पुलिस की निगरानी में रहना था, वही हथकड़ी सहित फरार हो गया। अब सवाल यह है कि कानून की रखवाली करने वाले पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई होगी और फरार आरोपी कब तक पकड़ा जाएगा?







