अशोकनगर में नारकोटिक्स टीम ने चंदेरी थाना क्षेत्र के कड़राना गांव में चल रही एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश कर दिया। यह जिले का पहला मामला है, जब स्थानीय स्तर पर ड्रग्स बनाने की पूरी फैक्ट्री पकड़ी गई हो। जंगल से सटे इलाके में चल रहा यह अवैध कारोबार लंबे समय से कानून की नजरों से छिपा हुआ था, लेकिन सोमवार देर रात की एक सटीक सूचना ने सब कुछ बदल दिया।
रात करीब 1:30 बजे इंदौर से पहुंची 15 सदस्यीय नारकोटिक्स टीम ने राघवेंद्र परमार के घर को घेर लिया। जैसे ही टीम ने दबिश दी, अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। मौके से 1 किलो 282 ग्राम तैयार एमडी ड्रग्स, 2 किलो 570 ग्राम अर्ध-तैयार ड्रग्स और करीब 45 किलो ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल बरामद किया गया। फैक्ट्री में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण भी जब्त किए गए, जिससे साफ है कि यहां संगठित तरीके से नशे का निर्माण किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राघवेंद्र पुत्र बलराम सिंह परमार (38) और प्रियांशु पुत्र सुनील जैन (31) निवासी हाट का पुरा, चंदेरी के रूप में हुई है। दोनों आरोपी कड़राना गांव के जंगली इलाके में इस खतरनाक कारोबार को अंजाम दे रहे थे। टीम को इस फैक्ट्री की भनक गुप्त सूचना के जरिए लगी थी, जिसके बाद पूरी योजना के तहत कार्रवाई की गई।
छापेमारी के दौरान मामला और गंभीर तब हो गया, जब टीम को एक लाइसेंसी पिस्टल, 15 जिंदा कारतूस और एक मैगजीन भी मिली। इसके अलावा, भोपाल आरटीओ नंबर की एक कार (MP 04 CU 5182) भी मौके से जब्त की गई। यह कार्रवाई रात से शुरू होकर सुबह तक चली और पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस ड्रग्स फैक्ट्री का नेटवर्क कहां तक फैला है और तैयार माल की सप्लाई किन शहरों तक की जा रही थी। अशोकनगर के लिए यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि नशे के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी।







