गुना हाईवे से सामने आई यह वारदात सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश की डरावनी तस्वीर है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह नए कपल्स को निशाना बनाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाता था। जैसे ही किसी युवक-युवती को बाइक पर अकेले देखता, ऑपरेशन शुरू हो जाता।
दो बदमाश बाइक से उनका पीछा करते और कुछ दूरी पर पहुंचकर टायर पंचर या किसी तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर उन्हें रुकने पर मजबूर कर देते। जैसे ही कपल रुकता, सड़क किनारे और जंगल में पहले से छिपे गिरोह के बाकी सदस्य अचानक बाहर निकल आते। इसके बाद दोनों को जबरन जंगल की ओर ले जाकर मारपीट, लूटपाट और युवती के साथ बर्बरता की कोशिश की जाती।
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा उस समय हुआ जब एक इंजीनियर और उसकी मंगेतर के साथ हुई घटना की जांच पुलिस ने गहराई से की। जांच में सामने आया कि गिरोह का हर सदस्य पहले से तय भूमिका निभाता था। कोई हाईवे पर शिकार तलाशता, कोई पीछा करता और बाकी सदस्य घात लगाकर जंगल में इंतजार करते थे।
पुलिस का दावा है कि यह गैंग पहले भी कई कपल्स को इसी तरह अपना शिकार बना चुका है। हालांकि, सामाजिक बदनामी और लोकलाज के डर से अधिकांश पीड़ित सामने नहीं आए, जिससे आरोपी लंबे समय तक कानून की पकड़ से बचते रहे।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया और कितने लोग इनके शिकार बने।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सुनसान रास्तों पर सतर्क रहना कितना जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति की बात पर तुरंत भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। क्योंकि कभी-कभी एक छोटा सा बहाना, बड़ी साजिश का हिस्सा भी हो सकता है।







