बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक बयान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बार पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा हमला बोला है। शाही इमाम के बयान के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, यह पूरा विवाद पंजाब के लुधियाना में आयोजित धीरेंद्र शास्त्री की पांच दिवसीय कथा के दौरान की गई टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था। शाही इमाम का आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री ने एक समुदाय की लड़कियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी बयान पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि जब विवाद बढ़ा, तो बयान का अर्थ धर्म परिवर्तन के संदर्भ में बताया जाने लगा।
शाही इमाम ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धीरेंद्र शास्त्री अपने घर पहुंचकर उन्हें गीदड़ भभकियां दे रहे हैं। उनके इस बयान ने विवाद को और हवा दे दी है।
वहीं, दूसरी तरफ कुछ दिन पहले बागेश्वर धाम में कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि शाही इमाम उनसे माफी मांगने की बात करते हैं, जबकि उनके मुताबिक माफी तो शाही इमाम को खुद उनसे मांगनी चाहिए। शास्त्री ने यह भी कहा कि उन्हें धन्यवाद देना चाहिए कि किसी बाबा ने सच बोलने का साहस किया।
इससे पहले लुधियाना में आयोजित कथा के दौरान उठे विवाद को लेकर शाही इमाम ने आपात बैठक भी बुलाई थी। अब दोनों पक्षों की ओर से सामने आए तीखे बयानों के बाद मामला फिर सुर्खियों में है।
फिलहाल, इस पूरे विवाद में बयानबाजी तेज है। ऐसे मामलों में जरूरी है कि संबंधित बयानों को उनके पूरे संदर्भ में समझा जाए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की पुष्टि की जाए। धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर संवाद संयमित भाषा और आपसी सम्मान के साथ होना चाहिए, ताकि विवाद और तनाव बढ़ने के बजाय समाधान की दिशा में आगे बढ़ सके।




