देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड तक बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
प्रयागराज में लगातार तीसरे दिन बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। पानी भरने से बेड, सोफा और घर का दूसरा सामान डूब गया। हालात को देखते हुए जिले में लगातार दूसरे दिन सभी स्कूल बंद रखे गए हैं। वहीं रामबाग रेलवे स्टेशन के तीन ट्रैक भी पानी में डूब गए हैं, जिससे रेल संचालन प्रभावित होने की स्थिति बन गई है।
बिहार के बगहा में गंडक नदी का कटाव बेहद खतरनाक हो गया है। तेज कटाव की वजह से एक प्राथमिक स्कूल के पांच में से चार कमरे नदी में समा गए। अब स्कूल का बचा हुआ हिस्सा भी कटाव की चपेट में है। इससे बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की सुरक्षा दोनों पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में भारी बारिश के बीच लैंडस्लाइड ने तीन लोगों की जान ले ली। मृतकों में एक ट्रक ड्राइवर और नेपाल के दो मजदूर शामिल हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 88 सड़कें बंद हैं। मंडी में 32, कुल्लू में 25 और सिरमौर में 10 सड़कें बंद बताई गई हैं।
उधर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में भी लैंडस्लाइड से तीन लोगों की मौत हुई है। राज्य में बारिश और भूस्खलन के चलते 124 सड़कें बंद हैं।
पिथौरागढ़ में हालात और गंभीर हो गए, जहां BRO के कुलागाड़ वैली ब्रिज पर चट्टानें गिरने से पुल काली नदी में समा गया। पुल के टूटने से कैलाश मानसरोवर मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
यानी देश के कई पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश आफत बन चुकी है। कहीं घरों में पानी घुसा है, कहीं स्कूल नदी में बह रहे हैं और कहीं सड़कें व पुल तबाह हो रहे हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।







