भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महिलाओं और बेटियों से जुड़ी दो बड़ी योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने पर मुहर लग गई। सरकार मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना पर 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपए और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना पर 16 हजार 326 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यानी आने वाले वर्षों में इन योजनाओं पर सरकार का बड़ा वित्तीय निवेश जारी रहेगा।
कैबिनेट बैठक में नर्मदा मिशन को मंजूरी देने के साथ एमपी सड़क विकास निगम में 35 नए पदों सहित कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। सरकार का फोकस महिला सशक्तिकरण, बेटियों के भविष्य, नर्मदा संरक्षण और प्रदेश के विकास से जुड़े कामों पर दिखाई दिया।
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं और बच्चों को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टैलेंट हंट अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि 5 से 15 साल के बच्चों की प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग का बड़ा नेटवर्क तैयार करने और देश के एक करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े युवा देशों में शामिल भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
इसके साथ ही नशामुक्त भारत के लिए 100 सप्ताह का बड़ा अभियान चलाने और इसमें समाजसेवी संस्थाओं, प्रमुख हस्तियों तथा आम लोगों को जोड़ने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार करने की जरूरत भी बताई। यानी कैबिनेट के फैसलों के साथ सरकार ने महिला कल्याण से लेकर युवाओं, तकनीक, नशामुक्ति और सुरक्षा तक अपना व्यापक रोडमैप भी सामने रखा।







