अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल यानी SIT ने अपनी फाइनल जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं किया गया है। वहीं, इस मामले में आरोपी बनाए गए बाकी 8 लोग पहले से ही जेल में हैं।
बताया जा रहा है कि यूपी के गृह विभाग ने SIT की रिपोर्ट राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंप दी है। अब इस रिपोर्ट को 2 सितंबर को होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में रखा जाएगा। खास बात यह है कि चढ़ावे की चोरी के मामले में ट्रस्ट ने ही उत्तर प्रदेश सरकार से SIT जांच कराने का अनुरोध किया था।
इस मामले की जांच के लिए 13 जून को लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय SIT गठित की गई थी। टीम में IG रेंज किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार को शामिल किया गया था। SIT ने 23 जून को अपनी प्राथमिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच की प्रक्रिया में बदलाव किया गया और जांच की कमान IPS अधिकारियों को सौंपने के साथ वित्त विशेषज्ञ को शामिल करने की बात कही गई। 20 जुलाई को नई SIT गठित की गई, जिसमें लखनऊ रेंज के IG किरण एस, अयोध्या DIG सोमेन वर्मा और अयोध्या SSP गौरव ग्रोवर शामिल किए गए।
अब फाइनल रिपोर्ट में दो प्रमुख ट्रस्ट सदस्यों के नाम नहीं होने की जानकारी सामने आने के बाद इस मामले की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। 2 सितंबर की ट्रस्ट बैठक में रिपोर्ट पर चर्चा के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है।







