15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 75 मिनट का भाषण दिया। इस भाषण में देश, युवा और भारत की वैश्विक भूमिका पर खास जोर देखने को मिला। भाषण के शब्दों का विश्लेषण करें तो सबसे ज्यादा इस्तेमाल ‘भारत’ शब्द का हुआ। प्रधानमंत्री ने भारत का जिक्र कुल 111 बार किया, जबकि ‘दुनिया’ शब्द 62 बार बोला गया।
युवाओं पर भी प्रधानमंत्री का खास फोकस रहा। ‘युवा’, ‘नौजवान’, ‘युवा शक्ति’ और ‘साथियो’ जैसे शब्दों के जरिए युवाओं को कुल 52 बार संबोधित किया गया। वहीं ‘मेरे प्यारे देशवासियो’ वाक्यांश 40 बार सुनाई दिया और ‘साथियो’ का इस्तेमाल 10 बार हुआ।
प्रधानमंत्री के भाषण में सिर्फ देश और युवाओं की बात नहीं हुई, बल्कि कई बड़े मुद्दे भी बार-बार सामने आए। नक्सलवाद से जुड़े शब्दों का कुल 15 बार इस्तेमाल हुआ। गरीबी और गरीब से जुड़े शब्द 7 बार बोले गए। वहीं ‘लाल किला’ का जिक्र 11 बार और ‘डिजिटल’ शब्द 10 बार इस्तेमाल किया गया।
यानी 75 मिनट के इस भाषण में शब्दों का चुनाव भी एक संदेश देता नजर आया—भारत, युवा शक्ति, विकास, डिजिटल बदलाव और आंतरिक चुनौतियां प्रधानमंत्री के संबोधन के प्रमुख केंद्र में रहीं। भाषण के आंकड़े बताते हैं कि इस बार लाल किले से दिए गए संदेश में देश के साथ-साथ युवाओं को भी बड़ी भूमिका दी गई।







