90 के दशक में मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड का खौफ किसी से छिपा नहीं था। बड़े कारोबारी हों या बॉलीवुड के सितारे, धमकी भरे फोन ने कई लोगों की नींद उड़ा रखी थी। इसी दौर में बॉलीवुड के ‘अन्ना’ यानी सुनील शेट्टी को भी लगातार धमकियां मिलने लगीं।
बताया जाता है कि करीब डेढ़ साल तक धमकी भरे फोन का सिलसिला चलता रहा। सुनील शेट्टी इन धमकियों को नजरअंदाज करते रहे। लेकिन एक दिन फोन पर गैंगस्टर ने उनके पिता को गोली मारने की धमकी दे दी।
पिता का नाम सामने आते ही सुनील शेट्टी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने डरने के बजाय गैंगस्टर को उसी की भाषा में जवाब दिया। सुनील ने कथित तौर पर साफ शब्दों में कहा कि मेरे पास तुमसे ज्यादा पैसे हैं और तुमसे ज्यादा कनेक्शन भी। इसलिए यह मत सोचना कि मैं तुम्हारी धमकियों से डर जाऊंगा।
इस पूरे मामले में जिस गैंगस्टर का नाम सामने आया, वह था अंडरवर्ल्ड डॉन हेमंत पुजारी। उस दौर में फिल्मी सितारों को धमकी देना और उनसे जबरन पैसे वसूलने की कोशिश करना अंडरवर्ल्ड के लिए आम बात बन चुकी थी।
90 का दशक सिर्फ अंडरवर्ल्ड के खौफ के लिए ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड की दिलचस्प कहानियों के लिए भी याद किया जाता है। इसी दौर से जुड़ी एक मजेदार कहानी यह भी है कि एक को-एक्ट्रेस से मुलाकात कराने के लिए एक जूनियर आर्टिस्ट को नकली मुख्यमंत्री तक बना दिया गया था।
वहीं, सुनील शेट्टी और अजय देवगन की दोस्ती और उस दौर की शूटिंग से जुड़े किस्से भी अक्सर चर्चा में रहे। अजय देवगन के सुनील शेट्टी को ‘दूधवाला’ कहने का किस्सा भी इसी दौर की यादों में शामिल है।
यानी 90 का दशक ऐसा दौर था, जहां एक तरफ बॉलीवुड सितारे पर्दे पर दबंग किरदार निभा रहे थे, तो दूसरी तरफ असल जिंदगी में अंडरवर्ल्ड की धमकियों का सामना भी कर रहे थे। सुनील शेट्टी की कहानी बताती है कि धमकी चाहे कितनी बड़ी हो, जब बात परिवार तक पहुंची तो ‘अन्ना’ ने पीछे हटने के बजाय सीधे मुकाबले का रास्ता चुना।







