दतिया विधानसभा उपचुनाव में इस बार चुनावी मुकाबला सिर्फ राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अलग और अनोखी तस्वीर भी सामने आई है। भारतीय गण वार्ता पार्टी की प्रत्याशी संजना सिंह अपने चुनाव प्रचार को लेकर लगातार चर्चा में हैं। किन्नर समुदाय से आने वाली संजना सिंह गांव-गांव पहुंचकर लोगों से समर्थन मांग रही हैं और खुद को जनता की बहन बताते हुए विधायक बनाने की अपील कर रही हैं।
दतिया विधानसभा के बहादुरपुर गांव में उस समय दिलचस्प माहौल देखने को मिला, जब नई बहू के स्वागत में महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं। इसी दौरान संजना सिंह भी महिलाओं के बीच पहुंचीं, गीत गाए और हाथ जोड़कर लोगों से कहा कि इस बार एक किन्नर को विधानसभा भेजकर बदलाव का मौका जरूर दें। उनका यह अंदाज लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
संजना सिंह के प्रचार अभियान को और खास बना रही हैं छत्तीसगढ़ की साध्वी सोम्या दीदी। वही साध्वी, जिन्होंने अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले उनकी नजर उतारकर सुर्खियां बटोरी थीं। अब वे दतिया पहुंचकर संजना सिंह के समर्थन में प्रचार कर रही हैं। उनका कहना है कि जैसे उन्होंने रामलला की नजर उतारी थी, वैसे ही अब वे अपनी सखी संजना के लिए दतिया की नजर उतारने आई हैं ताकि सकारात्मक माहौल बने और जनता सही फैसला करे।
संजना सिंह के समर्थन में छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी किन्नर समुदाय के लोग दतिया पहुंचे हैं। उनका कहना है कि यह चुनाव केवल एक उम्मीदवार का नहीं, बल्कि समाज में समान भागीदारी और पहचान की लड़ाई का भी प्रतीक है।
अब देखना होगा कि दतिया की जनता इस अनोखे चुनावी अभियान को कितना समर्थन देती है और क्या संजना सिंह अपनी अलग पहचान को वोटों में बदलने में कामयाब हो पाती हैं।







