दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 25 वर्षीय इरशाद शेख इस समय इलाज करा रहे हैं। गुरुग्राम में नौकरी करने वाले इरशाद का कहना है कि 20 जुलाई को वे जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान हालात अचानक बिगड़ गए और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इरशाद का आरोप है कि इसके बाद रैपिड एक्शन फोर्स के एक जवान ने पैलेट गन से फायर किया, जिसकी चपेट में आने से उनके चेहरे, आंख, गले और सीने पर गंभीर चोटें आईं।
इरशाद बताते हैं कि पहले उन्हें पीठ में तेज जलन महसूस हुई, फिर चेहरे से खून बहने लगा। उनका दावा है कि मौके पर मौजूद लोग लगातार कह रहे थे कि वे आतंकवादी नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई जारी रही। फिलहाल उनका इलाज अस्पताल के ईएनटी विभाग में चल रहा है और डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इरशाद से मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी अस्पताल पहुंचे थे। उनके मुताबिक नड्डा ने उनसे पूछा कि वे प्रदर्शन में क्यों गए थे। इरशाद ने कहा कि वे अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने के लिए वहां पहुंचे थे। इस बातचीत के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
हालांकि, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। पैलेट गन चलाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और घायल इरशाद को न्याय तथा पूरे मामले में जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।







