राजधानी दिल्ली में सोमवार को संसद मार्च के दौरान उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते धक्का-मुक्की ने उग्र रूप ले लिया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। कुछ लोगों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें भी आईं।
इस दौरान एक घायल प्रदर्शनकारी पुलिस के सामने खड़े होकर “और मारो” कहते हुए विरोध जताता दिखाई दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, जबकि पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
हंगामे के बीच मीडिया कर्मी भी इसकी चपेट में आए। मौके पर मौजूद भास्कर के रिपोर्टर उदय भटनागर भी लाठी लगने से घायल हो गए। यह घटना पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर रही है।
उधर, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गए, जहां उन्होंने इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। पुलिस ने कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारी रविवार रात से ही जंतर-मंतर पर जुटना शुरू हो गए थे। कई लोगों ने पूरी रात फुटपाथ पर बिताई और सोमवार सुबह संसद मार्च के लिए रवाना हुए। मार्च शुरू होते ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ता गया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए।
फिलहाल राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है, जबकि इस प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज होती जा रही हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है।







