उत्तराखंड में शुरू हुई पवित्र चारधाम यात्रा के पहले ही दिन दो अलग-अलग हादसों में श्रद्धालुओं की मौत ने चिंता बढ़ा दी है। उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धाम की ओर जा रही एक महिला श्रद्धालु की घोड़े से गिरने के कारण जान चली गई। महिला मध्य प्रदेश से अपने पति के साथ यात्रा पर निकली थीं। बताया जा रहा है कि गिरने के दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना ने घोड़े-खच्चर मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल हजारों श्रद्धालु इन मार्गों का उपयोग करते हैं, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
दूसरी दुखद घटना में महाराष्ट्र से आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु की पैदल चढ़ाई के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में गंभीर दिक्कत हुई, जिसके बाद तुरंत जानकीचट्टी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
अस्पताल के चिकित्सक डॉ. हरदेव सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मौत का कारण सांस संबंधी बीमारी और ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले स्वास्थ्य जांच और उचित तैयारी बेहद जरूरी है।
इन दोनों घटनाओं ने चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं, आपातकालीन सेवाओं और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आस्था की इस यात्रा में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







