जिस गली में पुलिस पर बरसे थे पत्थर, उसी रास्ते निकला कानून का जुलूस
सतना में दो दिन पहले जिस गली में पुलिस के जवानों को गालियां देकर दौड़ा-दौड़ाकर पत्थर मारे गए थे, शनिवार रात वही गली कानून की सख्ती की गवाह बनी। कोलगवां पुलिस ने उन चार आरोपितों का जुलूस निकाला, जिन्होंने नशे की हालत में पुलिस पर हमला कर पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी।
शनिवार रात करीब आठ बजे पुलिस ने हरे यादव, लल्लू पटेल, शनि कुशवाहा और साहिद गुप्ता को उसी मोहल्ले में पैदल घुमाया, जहां उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जवानों को निशाना बनाया था। जुलूस के दौरान चारों आरोपित लंगड़ाते हुए चलते नजर आए। सिर झुका हुआ था और जुबान पर बस एक ही वाक्य
“गलती हो गई सर, अब नहीं होगा।”
यही शब्द वे बार-बार दोहराते रहे।
घटना बीते गुरुवार रात की है। वार्ड क्रमांक 15 में देर रात नशेडियों को समझाने पहुंची पुलिस से पहले बहस हुई। जब पुलिस एक युवक को पकड़ने आगे बढ़ी, तभी 7–8 युवकों ने मां-बहन की गालियां देते हुए जवानों पर पथराव शुरू कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को ही पीछे हटना पड़ा।
पूरी घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर डाल दिया, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया। वीडियो में पुलिस के जवानों को बचते हुए और युवकों को बेखौफ पत्थर फेंकते देखा गया। इसने न सिर्फ शहर में सनसनी फैलाई, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। कोलगवां पुलिस ने चारों आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 132 (शासकीय सेवक पर हमला) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। फिलहाल सात अन्य आरोपित फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
इस जुलूस के जरिए पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि कानून पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिस गली में कभी पुलिस को भागना पड़ा था, वहीं अब अपराधियों को अपने किए पर सार्वजनिक तौर पर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी और यही इस कार्रवाई का सबसे बड़ा संदेश बन गया।







