रायसेन/उज्जैन। प्यार की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने दो शहरों के बीच फैली 350 किलोमीटर की दूरी को तो पार कर लिया, लेकिन जिंदगी की दूरी को नहीं। 26 वर्षीय इंजीनियर ऋषभ मीणा और 23 वर्षीय साक्षी धाकड़ ने अलग-अलग जगहों पर रहते हुए भी एक ही समय पर मौत को गले लगा लिया। दोनों ने पूरी रात चैटिंग की, सुबह आखिरी बार बात की… और फिर दुनिया को अलविदा कह दिया।
उज्जैन के मक्सी रोड स्थित केसर बाग कॉलोनी में रहने वाले ऋषभ मीणा शनिवार सुबह अपने कमरे के पास खुले पोर्च में फंदे से लटके मिले। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आत्महत्या से पहले ऋषभ ने कई बार जान देने की कोशिश की थी। पहले उसने हाथ की नस काटने की कोशिश की, फिर चाकू से गले पर वार किया। जब ये प्रयास असफल रहे, तो उसने करंट लगाकर जान देने की कोशिश की, जिससे कमरे में शॉर्ट सर्किट भी हुआ। आखिरकार उसने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
पंवासा थाना प्रभारी गमर सिंह मंडलोई के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
घटनास्थल से मिले मोबाइल ने इस कहानी को और रहस्यमय बना दिया। कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट से पता चला कि ऋषभ का रायसेन जिले के चिल्ली सिलारी गांव की साक्षी धाकड़ से प्रेम संबंध था। शुक्रवार की पूरी रात दोनों के बीच बातचीत होती रही। सुबह करीब 6 बजे ऋषभ ने साक्षी को अंतिम कॉल किया, इसके बाद मोबाइल को फ्लाइट मोड पर डाल दिया।
उसी समय, करीब 350 किलोमीटर दूर रायसेन जिले के चिल्ली सिलारी गांव में साक्षी ने अपने नाना के घर में फांसी लगा ली। वह मूल रूप से सिलवानी क्षेत्र की रहने वाली थी और बचपन से नाना के पास रह रही थी।
मोबाइल में दोनों की तस्वीरें और चैट्स मिली हैं, जिससे उनके गहरे प्रेम संबंधों की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दोनों ने अलग-अलग जगहों पर रहते हुए भी एक ही समय में यह अंतिम कदम उठाया।
पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थितियां थीं, जिन्होंने दो जिंदगियों को एक साथ खत्म होने पर मजबूर कर दिया। फिलहाल, दो परिवारों में मातम पसरा है और एक प्रेम कहानी हमेशा के लिए खामोश हो चुकी है।







