मध्यप्रदेश के रायसेन जिले की अमरावत नर्सरी में मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक पूर्व कर्मचारी ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। घटना करीब 1:30 बजे की है। नर्सरी परिसर में मजदूर रोज की तरह पेड़ों की छांव में बैठकर खाना खा रहे थे। माहौल सामान्य था, लेकिन कुछ ही पलों में गोलियों की आवाज ने सन्नाटा तोड़ दिया।
करीब 15 साल तक नर्सरी में काम कर चुका पूरन उर्फ गुड्डा लोधी, जो हाल ही में नौकरी से निकाला गया था, गुस्से और बदले की भावना के साथ परिसर में पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसने सबसे पहले डिप्टी रेंजर राकेश शर्मा को निशाना बनाया। गोली लगते ही परिसर में भगदड़ मच गई। इसके बाद उसने महिला कर्मचारी सुमन बाई पर फायरिंग की। गोली उसकी पीठ में लगी और शरीर के आर-पार हो गई।
घटना के दौरान एक अन्य कर्मचारी डालचंद जान बचाने के लिए भागा, लेकिन गिर पड़ा। सौभाग्य से गोली उसके ऊपर से निकल गई और वह बाल-बाल बच गया। चंद मिनटों में नर्सरी का शांत वातावरण चीख-पुकार में बदल चुका था।
फायरिंग के बाद आमतौर पर आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं, लेकिन इस मामले में कहानी ने अप्रत्याशित मोड़ लिया। पूरन नर्सरी से करीब 100 मीटर दूर एक पुराने महुआ के पेड़ के पास गया। वहां उसने रस्सी से फंदा बनाया और पेड़ पर चढ़ गया। कुछ देर तक वह पेड़ पर ही बैठा रहा, मानो अंदरूनी संघर्ष चल रहा हो।
बताया जा रहा है कि हिम्मत न जुटा पाने पर उसने खुद के सीने में गोली मार ली। जब तक आसपास के लोग और पुलिस मौके पर पहुंचती, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की मौत के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में औपचारिक रूप से बंद हो जाएगा, लेकिन इस घटना ने नर्सरी के कर्मचारियों के मन में गहरी दहशत छोड़ दी है।







