दौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की शिकायतों ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है। इसी गंभीर मामले को लेकर इंदौर की रेजिडेंसी पर इस वक्त एक बेहद अहम और हाई-लेवल बैठक चल रही है, जिस पर पूरे शहर की नजरें टिकी हुई हैं।
बैठक में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट मौजूद हैं। वहीं अपर मुख्य सचिव एवं इंदौर संभाग के प्रभारी अनुपम राजन और मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई भी बैठक में शामिल हैं। खास बात यह है कि इंदौर के सभी विधायक और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी इस बैठक में मौजूद हैं, जिससे बैठक के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, इंदौर में पेयजल व्यवस्था को लेकर आज कुछ बड़े और ठोस फैसले लिए जा सकते हैं। केवल भागीरथपुरा ही नहीं, बल्कि इंदौर के अन्य क्षेत्रों में भी वाटर सप्लाई सिस्टम को और मजबूत करने पर मंथन चल रहा है।
इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज से पूरे प्रदेश में शुद्ध पेयजल को लेकर एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत पेयजल सप्लाई के सभी स्रोतों की सख्त मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी क्षेत्र में दूषित पानी की शिकायत दोबारा सामने न आए।
गौरतलब है कि बैठक से पहले सुबह ही अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन और नीरज मंडलोई ने भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा किया था और हालात का जायजा लिया था। अब रेजिडेंसी में चल रही इस बैठक से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि इंदौर में पेयजल संकट को लेकर सरकार किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बैठक के बाद इंदौरवासियों को क्या राहत भरी खबर मिलती है और कौन से बड़े फैसले जमीन पर उतरते हैं।







