इंदौर की सियासत में उस वक्त अजीबोगरीब हलचल मच गई, जब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता की शादी का डिजिटल कार्ड सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैलने लगा। कार्ड इतना असली लग रहा था कि हजारों लोग बधाइयों के मैसेज भेजने लगे। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब खुद नेता सामने आए और हाथ जोड़कर बोले “मेरी शादी नहीं हो रही है, कृपया उस लिंक को मत खोलिए।”
इंदौर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सदाशिव यादव के नाम से जारी इस फर्जी वेडिंग कार्ड में 24 फरवरी 2026 की तारीख लिखी गई थी। कार्ड के साथ एक संदिग्ध लिंक भी जोड़ा गया था, जिसे ‘विशेष निमंत्रण’ बताकर लोगों से क्लिक करने की अपील की जा रही थी। शुरुआती नजर में यह मजाक लगा, लेकिन जैसे-जैसे कार्ड हजारों मोबाइल तक पहुंचा, मामला गंभीर होता चला गया।
सदाशिव यादव ने साफ कहा कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट या मोबाइल डेटा हैक किया गया है। उन्होंने इसे सिर्फ साइबर अपराध नहीं, बल्कि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की सोची-समझी राजनीतिक साजिश बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत पुलिस और साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
अब इंदौर साइबर सेल इस रहस्य से पर्दा उठाने में जुटी है कि यह फर्जी कार्ड किसने बनाया, लिंक के पीछे क्या मकसद था और आखिर ‘नेताजी की शादी’ के नाम पर यह डिजिटल जाल किसने बिछाया।







