इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां किराए पर दिया गया सर्विस सेंटर अवैध कब्जे और फिरौती की साजिश का केंद्र बन गया। पीड़िता को धमकाकर 20 लाख रुपए की डिमांड की गई, लेकिन आखिरकार आरोपी कानून के शिकंजे से बच नहीं सका। अन्नपूर्णा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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पूरा मामला अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़िता राधिका सोलंकी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपना सर्विस सेंटर वैभव जोशी को किराए पर दिया था। लेकिन भरोसे को तोड़ते हुए वैभव जोशी ने बिना अनुमति वह सर्विस सेंटर संजय करीरा को सौंप दिया।
जब राधिका सोलंकी ने सर्विस सेंटर खाली करने की बात कही, तो मामला अचानक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया। आरोप है कि संजय करीरा ने न सिर्फ कब्जा छोड़ने से इनकार किया, बल्कि पीड़िता को धमकाते हुए 20 लाख रुपए की फिरौती मांग डाली। डर और दबाव के बीच पीड़िता ने पहले अन्नपूर्णा थाने में शिकायत दर्ज कराई और बाद में पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह तक अपनी फरियाद पहुंचाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी आनंद कलादगी को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अन्नपूर्णा पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और मोबाइल लोकेशन के जरिए आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। आखिरकार पुलिस ने एमओजी लाइन क्षेत्र से आरोपी संजय करीरा को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी संजय करीरा पहले भी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है। उस पर लोगों से वाहन किराए पर लेकर उन्हें सस्ते दामों में बेचने जैसे आरोप सामने आए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।







