इंदौर के आस्था केंद्र खजराना गणेश मंदिर में गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश की घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। 11 फरवरी की शाम 7:41 से 7:45 बजे के बीच हुई इस घटना ने मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं के बीच चिंता बढ़ा दी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच के निर्देश दिए।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुष्टि हुई कि स्थानीय निवासी आकाश रावत ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड से बातचीत कर चैनल गेट खुलवाया। इसके बाद सतीश भाऊ नामक व्यक्ति गर्भगृह में प्रवेश करता दिखाई दिया। सुरक्षा एजेंसी की ओर से तैनात गार्ड श्रीमती ज्योति वरुण ने अपने लिखित प्रतिवेदन में उल्लेख किया कि दबाव बनाकर दो व्यक्तियों को भीतर भेजा गया।
मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी तथा मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह मंदिर की गरिमा के विरुद्ध कृत्य है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दोषियों पर कार्रवाई, भविष्य के लिए सख्त निगरानी के निर्देश
जांच में प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही पाए जाने पर ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसी मेसर्स बालाजी सिक्युरिटी सर्विस पर 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है, जो आगामी देयक से समायोजित किया जाएगा।
इसके अलावा, बिना अनुमति गर्भगृह में प्रवेश दिलाने और ड्यूटी गार्ड पर दबाव बनाने के आरोप में आकाश रावत के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
मंदिर प्रबंध समिति और भट्ट परिवार की दोनों शाखाओं के पुजारियों को भी सख्त चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। समिति ने सर्वसम्मति से स्पष्ट किया है कि गर्भगृह में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। केवल विशेष परिस्थितियों में अध्यक्ष एवं प्रशासक की पूर्व अनुमति से ही प्रवेश संभव होगा।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने कहा कि इंदौर की धार्मिक मर्यादा और आस्था के केंद्रों की गरिमा की रक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और सुदृढ़ की जाएगी।







