Home » Uncategorized » सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश न मानने पर स्कूल की मान्यता रद्द होगी

सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश न मानने पर स्कूल की मान्यता रद्द होगी

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा आदेश सुनाया, जिसने देश के हर स्कूल की जिम्मेदारी तय कर दी है। अब चाहे स्कूल सरकारी हो या प्राइवेट, हर जगह एक नियम समान होगा। अदालत ने साफ कहा है कि स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों को मुफ्त में सैनेटरी पैड देना अनिवार्य होगा।
इतना ही नहीं, लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग वॉशरूम बनाना भी जरूरी होगा। कोर्ट ने चेतावनी के लहजे में कहा कि जो स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है।
ये फैसला सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि गरिमा और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ माना जा रहा है, एक ऐसा मुद्दा, जिस पर सालों तक खामोशी रही।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पिछले चार साल से सुनवाई चल रही थी। केंद्र सरकार की मासिक धर्म स्वच्छता नीति यानी Menstrual Hygiene Policy को पूरे देश में लागू करने की मांग की जा रही थी। शुक्रवार को अदालत ने आखिरकार इस पर अपना फैसला सुना दिया।
कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी निर्देश दिए हैं कि हर स्कूल में दिव्यांग बच्चों के लिए डिसेबल-फ्रेंडली टॉयलेट बनाए जाएं, ताकि कोई भी बच्चा बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे।
इस जनहित याचिका को 2022 में सोशल वर्कर जया ठाकुर ने दायर किया था। उनकी मांग थी कि मासिक धर्म को लेकर चुप्पी नहीं, बल्कि नीति और व्यवस्था बने।
अब अदालत के इस फैसले को एक बड़े सामाजिक बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है जहां शिक्षा के साथ-साथ सम्मान और स्वास्थ्य भी प्राथमिकता बनेंगे।

Share This
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

HUF Registration Services In IndiaDigital marketing for news publishers

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x