उज्जैन। आज सुबह दशहरा मैदान पर ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर दर्शक को रोमांच से भर दिया। सूर्योदय से पहले ही मैदान लोगों से भर चुका था। जैसे ही पहली किरण धरती पर पड़ी, वैसे ही हजारों प्रतिभागियों ने एक साथ सूर्य नमस्कार की मुद्रा अपनाई और पूरा वातावरण ऊर्जा, अनुशासन और सकारात्मकता से गूंज उठा।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, युवाओं से लेकर महिलाओं तक—हर वर्ग की भागीदारी ने इस सामूहिक सूर्य नमस्कार को ऐतिहासिक बना दिया। प्रशिक्षकों के निर्देश पर लयबद्ध तरीके से किए गए सूर्य नमस्कार ने यह संदेश दिया कि उज्जैन सिर्फ आस्था की नगरी नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का भी प्रेरणास्थल है।
मैदान में मौजूद लोगों का कहना था कि इस आयोजन ने तन के साथ-साथ मन को भी नई शक्ति दी। आयोजकों के अनुसार, इस सामूहिक अभ्यास का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ समाज की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाना है।
दशहरा मैदान पर हुआ यह आयोजन न केवल एक योग कार्यक्रम था, बल्कि उज्जैन की एकजुटता, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण बन गया—एक ऐसा क्षण, जिसे शहर लंबे समय तक याद रखेगा।







