उज्जैन के विश्वविख्यात श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकली एक छोटी-सी पहल अब देशभर में बड़ी चर्चा का विषय बन चुकी है। बाबा महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं को मिलने वाले रागी से बने लड्डुओं ने न सिर्फ आस्था को पोषण से जोड़ा, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली तक इसकी गूंज पहुंचा दी। वजह बनी—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’।
25 जनवरी को प्रसारित अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने इस पहल का खास तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन के उस फैसले को “क्रांतिकारी” बताया, जिसमें पारंपरिक प्रसाद को मिलेट्स यानी श्रीअन्न से जोड़ दिया गया। करीब तीन महीने पहले शुरू हुई यह व्यवस्था अब एक मिसाल बन चुकी है।
प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग मंदिरों में हो रहे सकारात्मक बदलावों की चर्चा करते हुए कहा कि आज बाजरे और रागी जैसे श्रीअन्न से बने प्रसाद की बाजार में भी जबरदस्त मांग है। उन्होंने विशेष रूप से महाकालेश्वर मंदिर का नाम लेते हुए कहा कि रागी से तैयार किए जा रहे लड्डू आस्था और स्वास्थ्य का सुंदर संगम हैं।
“मुझे यह जानकर बेहद खुशी होती है कि आजकल कई मंदिर अपने प्रसाद में मिलेट्स का उपयोग कर रहे हैं। महाकालेश्वर मंदिर में रागी से लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। मैं इस पहल के लिए मंदिर के सभी व्यवस्थापकों का हृदय से अभिनंदन करता हूं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
बाबा महाकाल के प्रसाद से शुरू हुई यह सोच अब देशभर के मंदिरों के लिए एक नई दिशा बनती नजर आ रही है—जहां भक्ति के साथ-साथ स्वास्थ्य भी प्रसाद के रूप में भक्तों तक पहुंचेगा।







