उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि का आयोजन विशेष व्यवस्थाओं के साथ होगा। 15 फरवरी को आम भक्तों का प्रवेश श्री महाकाल महालोक से होगा, जबकि शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं के लिए दो अलग द्वार निर्धारित किए गए हैं। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दर्शन, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
सामान्य दर्शनार्थी कर्कराज पार्किंग, भील समाज धर्मशाला, चारधाम मंदिर पार्किंग, शक्तिपथ और त्रिवेणी संग्रहालय द्वार से महाकाल महालोक होते हुए गणेश व कार्तिकेय मंडपम में प्रवेश करेंगे। वहीं, शीघ्र दर्शन टिकट धारकों के लिए भील समाज धर्मशाला और बड़े गणेश मंदिर के सामने अलग कतारें बनाई गई हैं।
महाशिवरात्रि पर प्रोटोकाल दर्शन के लिए विशेष पासधारी और अतिविशिष्ट श्रद्धालुओं का प्रवेश बेगमबाग स्थित नीलकंठ द्वार से होगा। पार्किंग और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी व्यवस्थित किया गया है। सामान्य श्रद्धालु मेघदूत और कर्कराज पार्किंग में वाहन पार्क कर सकेंगे, जबकि शीघ्र दर्शन टिकट धारकों के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड, राणोजी की छत्री, शगुन गार्डन और महाकाल मंडपम् में वाहन पार्किंग की जाएगी।
शौचालय और पेयजल की सुविधा कतार में हर 200 मीटर पर उपलब्ध रहेगी। श्रद्धालुओं के लिए बस सेवा और स्वास्थ्य सहायता भी मंदिर परिक्षेत्र में तैनात की जाएगी। इस व्यवस्थाओं के साथ महाशिवरात्रि पर भक्त सहज और सुरक्षित दर्शन का अनुभव कर सकेंगे।







