प्यार का ‘पैकेज’ मॉडल: इंदौर-भोपाल में किराए की गर्लफ्रेंड का गुप्त नेटवर्क
प्यार जो कभी भरोसे, अपनापन और रिश्तों की बुनियाद माना जाता था अब मध्यप्रदेश में ‘पैकेज’ बनकर बिक रहा है। घंटे और दिन के हिसाब से तय होने वाले रेट, वैलेंटाइन डे जैसे मौकों पर स्पेशल ऑफर, और सोशल मीडिया पर ‘परफेक्ट कपल’ की चमकती तस्वीरें यह सब मिलकर एक ऐसे धंधे की कहानी कहते हैं, जो दिखता दोस्ती का है, पर चलता सौदे की शर्तों पर।
इंदौर और भोपाल जैसे बड़े शहरों में सक्रिय यह नेटवर्क इंस्टाग्राम पेजों के जरिए ग्राहकों तक पहुंचता है। “मूवी, शॉपिंग, लॉन्ग ड्राइव या इमोशनल सपोर्ट” हर जरूरत के लिए अलग पैकेज। दावा सब कुछ सेफ और सिक्योर। हकीकत रिश्तों का किराया तय, और समय की कीमत पहले से फिक्स।
हमने कस्टमर बनकर संपर्क किया। बातचीत आगे बढ़ी तो साफ हुआ कि यह सिर्फ डेट पर साथ जाने की सेवा नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर ‘कपल गोल्स’ दिखाने तक का इंतजाम है। वैलेंटाइन वीक के लिए अलग रेट-कार्ड, घंटों के हिसाब से चार्ज, और एडवांस पेमेंट की शर्तें हर डिटेल पहले से तय।
वर्क फ्रॉम होम का झांसा, कॉलेज की छात्राएं जाल में
इस नेटवर्क की परतें खुलीं तो सामने आया दूसरा चेहरा वर्क फ्रॉम होम जॉब का लालच। पढ़ाई कर रही युवतियों को आसान कमाई का वादा कर जोड़ा जाता है। उनसे कहा जाता है सिर्फ साथ जाना है, बात करनी है, इमोशनल सपोर्ट देना है। कुछ इसे ‘फन’ बताती हैं, कुछ मजबूरी में पैसों के लिए जुड़ती हैं।
एक युवती ने बताया “हमसे कहा गया था कि यह सिर्फ फ्रेंडशिप है। क्लाइंट के साथ मूवी, कॉफी या डिनर पर जाना होता है। सब कुछ पहले से डिस्कस रहता है।” लेकिन सवाल यह है क्या सब कुछ वाकई उतना ही ‘सेफ’ है, जितना पेजों पर दावा किया जाता है?
जैसे-जैसे सोशल मीडिया पेज स्क्रोल किए, कंटेंट और खुलकर सामने आया “अगर आप अकेले हैं, तो हमसे दोस्त बुक करें।” और फिर सीधा ऑफर “क्या आपको दोस्त चाहिए या गर्लफ्रेंड? इस वैलेंटाइन को खास बनाइए।”
प्यार का यह ‘पैकेज मॉडल’ सिर्फ एक सेवा नहीं, बदलती सामाजिक मानसिकता की कहानी भी है जहां अकेलापन बाजार बन चुका है और रिश्ते एक तय समय के कॉन्ट्रैक्ट में सिमट रहे हैं। सवाल अब यह है क्या यह महज ट्रेंड है, या समाज के ताने-बाने में उतरती एक नई दरार?







