मुख्यमंत्री निवास से होगी सीधी मॉनिटरिंग, समयसीमा और गुणवत्ता पर सख्त निर्देश
उज्जैन। सिंहस्थ 2028 को भव्य, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय बनाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन नगर निगम पहुंचकर प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने “नैनो मैनेजमेंट” पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सिंहस्थ जैसे विराट आयोजन में सूक्ष्म स्तर तक योजना बनाना अनिवार्य है। उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों के विकास, भीड़ प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों के उपयोग और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए होम-स्टे व्यवस्था को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल आवास की समस्या का समाधान होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर भी मिलेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और किसानों के लिए पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि विकास और कृषि दोनों संतुलित रूप से आगे बढ़ सकें।
बैठक में यह भी तय हुआ कि सिंहस्थ 2028 से जुड़े सभी कार्यों की मॉनिटरिंग अब मुख्यमंत्री निवास से भी की जाएगी। इससे परियोजनाओं की प्रगति पर सीधी नजर रखी जा सकेगी और किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी।
सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासनिक सक्रियता और उच्चस्तरीय निगरानी से स्पष्ट है कि इस बार आयोजन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की व्यापक तैयारी की जा रही है।







