इंदौर। देश की सीमा की रक्षा करने वाला जवान खुद साइबर जाल में फंस जाए, इससे बड़ी विडंबना क्या होगी? इंदौर में ठगी का ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बीएसएफ के एएसआई से शेयर और कमोडिटी निवेश के नाम पर एक लाख साठ हजार रुपए ऐंठ लिए गए।
पुलिस के मुताबिक बीएसएफ के एएसआई शौकत खान, निवासी एसटीसी बीएसएफ कैंपस, ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। 22 जनवरी को उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाला खुद को किसी बड़ी निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बता रहा था। आवाज में भरोसा, शब्दों में लालच और बातों में ऐसा जाल कि सामने वाला समझ ही न पाए कि वह ठगी के खेल का अगला शिकार बनने वाला है।
शुरुआत 30 हजार से… और फिर लालच का बढ़ता मीटर
पहले कहा गया सिर्फ 30 हजार लगाइए, मुनाफा देखिए। फिर हर कुछ दिनों में नया बहाना, नया लालच, नई रकम। आरोपी लगातार संपर्क में रहा और अलग-अलग किस्तों में रुपए डलवाता गया। हद तो तब हो गई जब ठग ने एक लाख रुपए जमा होने की फर्जी स्लिप भी भेज दी। स्क्रीन पर दिख रहा था पैसा जमा हो गया है, लेकिन हकीकत में खाते में एक रुपया तक नहीं आया। यह कोई निवेश नहीं, बल्कि बेहद सुनियोजित डिजिटल लूट थी।
अब सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग व्हाट्सएप कॉल पर आए “इन्वेस्टमेंट गुरुओं” के झांसे में आते रहेंगे? हर दिन नए नाम, नई कंपनी और नया लालच। मुनाफे के सपने दिखाकर मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले ये साइबर अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन यह घटना एक कड़वा सबक है ऑनलाइन निवेश के नाम पर आने वाली मीठी बातें अक्सर कड़वी सच्चाई में बदल जाती हैं। सावधान रहिए, क्योंकि अगला कॉल आपके मोबाइल पर भी आ सकता है।







