एमवाय अस्पताल में अब भी मौत से जंग, 4 मरीज वेंटिलेटर पर
भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैल रही त्रासदी थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार देर रात इस भयावह सिलसिले में 21वीं मौत की पुष्टि हुई। मृतका की पहचान 50 वर्षीय सुनीता वर्मा के रूप में हुई है, जो पिछले कई दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थीं।
सुनीता वर्मा को 7 जनवरी को गंभीर हालत में इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने किडनी डैमेज होने की पुष्टि की, जिसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इस जहरीले पानी की मार अब भी जारी है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, एमवाय अस्पताल में अब भी 45 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 4 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की टीमें लगातार निगरानी में जुटी हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा दोनों साफ दिखाई दे रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर साफ पानी की जिम्मेदारी किसकी है और कब तक लोगों को अपनी जान की कीमत चुकानी पड़ेगी। प्रशासन के दावों के बीच भागीरथपुरा के लोग आज भी एक ही सवाल पूछ रहे हैं, अगला नंबर किसका?







