नागपुर रेल आउटर के सुनसान इलाके में पत्थरों से सिर कुचलकर की गई युवती की हत्या की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई। करीब एक महीने तक पहचान और सुराग के बिना भटकती रही पुलिस ने बिहार से आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज मामले की परतें खुलते ही रिश्तों का शक, शादी का दबाव और धमकी की खौफनाक कहानी सामने आई है।
6 जनवरी को नाला मोहल्ला निवासी आविद पिता जावेद खान ने आउटर पर एक युवती की लाश मिलने की सूचना दी थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की, लेकिन मृतका और आरोपी की पहचान न होने से मामला उलझा रहा। स्टेशन और आसपास लगे करीब दो हजार सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज में एक युवक और युवती रात के समय साथ दिखाई दिए, पर कोई गुमशुदगी दर्ज न होने से पुलिस लंबे समय तक अंधेरे में रही।
पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण एस थोट्टा के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम और साइबर सेल ने फुटेज के आधार पर संदिग्ध युवक की तस्वीर और हत्या के समय मृतका के कपड़ों की जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित की। इसी दौरान पुलिस को अहम इनपुट मिला और टीम को बिहार के रोहतास जिले के कच्छवा थाना क्षेत्र भेजा गया। गांव में फुटेज की पहचान के बाद संदेही युवक को अभिरक्षा में लिया गया और पूछताछ के लिए इटारसी लाया गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रिजवान पिता नेहलउद्दीन खान (24), निवासी रामपुर भरेथा, थाना कच्छवा, जिला रोहतास (बिहार) बताया। उसने मृतका की पहचान रिहाना खातून पिता जासीन खान, निवासी ग्राम पीरूपुरब मोहल्ला, भोजपुर (बिहार) के रूप में की। दोनों पास-पास के गांव के रहने वाले थे और पिछले एक-दो महीनों से चंद्रपुर (महाराष्ट्र) में साथ रह रहे थे।
जांच में सामने आया कि रिहाना शादी का दबाव बना रही थी, जबकि रिजवान शादी नहीं करना चाहता था। उसे यह भी शक था कि रिहाना किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में है। 4 जनवरी की रात इसी बात पर दोनों में विवाद हुआ। चंद्रपुर से गांव लौटते समय दोनों इटारसी पहुंचे, जहां स्टेशन पर काफी देर तक बातचीत हुई। आरोप है कि रिहाना ने धमकी दी कि शादी न करने पर वह गांव जाकर रिजवान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगी।
धमकी से बौखलाए रिजवान ने उसी रात रिहाना को शौच के बहाने रेल आउटर के सुनसान इलाके में ले जाकर पत्थरों से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया। इस पूरी कार्रवाई में आरक्षक राजकुमार झपाटे, संदीप यादुवंशी, पथरौटा थाना प्रभारी संजीव पवार, आरपीएफ आरक्षक निर्मल पटेल, प्रहलाद कुमरे और मनीष मेहतो की अहम भूमिका रही।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।







