बिलासपुर। गुरुवार की सुबह शहर ने एक ऐसी कार्रवाई देखी जिसने कारोबारियों के बीच अचानक हलचल पैदा कर दी। निर्वाचन आयोग के एसआईआर सर्वे का पंपलेट लगी गाड़ियों से पहुंची टीम ने जब प्रमुख कोयला कारोबारी प्रवीण झा के ठिकानों पर दस्तक दी, तो आसपास के लोगों को पहले कुछ समझ ही नहीं आया। लेकिन कुछ ही देर में साफ हो गया कि यह आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई है।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की कई टीमें एक साथ फील ग्रुप से जुड़े कार्यालयों, आवास और औद्योगिक इकाइयों में पहुंचीं। टीम ने पहुंचते ही दस्तावेजों की सघन जांच शुरू कर दी। घुटकू स्थित प्लांट और रामा वर्ल्ड स्थित आवास सहित अन्य स्थानों पर कंप्यूटर हार्ड डिस्क, फाइलें और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। दोपहर करीब 12 बजे तक अधिकारी अंदर दस्तावेजों का मिलान करते रहे। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे कार्रवाई के पीछे के कारणों को लेकर सस्पेंस बरकरार है।
प्रवीण झा शहर के प्रमुख कोयला व्यापारियों में गिने जाते हैं और फील ग्रुप का नाम कोयला कारोबार में जाना-पहचाना है। ऐसे में इस कार्रवाई ने पूरे कारोबारी समुदाय में चर्चा का माहौल बना दिया है।
फिलहाल विभाग की टीमें गहन जांच में जुटी हैं। अब सभी की नजर इस पर टिकी है कि जांच पूरी होने के बाद आखिर क्या तथ्य सामने आते हैं और यह कार्रवाई किस मामले से जुड़ी है।







