भोपाल में जमीन, बैंक लोन और कथित धोखाधड़ी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। बेटियों के नाम पहले ही दान की जा चुकी जमीन को अपनी संपत्ति बताकर पंजाब नेशनल बैंक से करीब 2 करोड़ रुपये का लोन लेने के आरोप में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW ने बिल्डर जीशान अली और उनकी पत्नी नाजनीन अली के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जांच के मुताबिक, रॉयल हेरिटेज बिल्डर्स कॉलोनाइजर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर जीशान अली ने साल 2013 में भोपाल के बावड़ियाकलां स्थित व्यावसायिक जमीन अपनी तीन बेटियों के नाम हिबानामा यानी दान के जरिए हस्तांतरित कर दी थी।
लेकिन आरोप है कि इसके करीब दो साल बाद, इसी जमीन को गिरवी रखकर कंपनी के लिए पंजाब नेशनल बैंक से ओवरड्राफ्ट लिमिट मंजूर कराई गई। जांच में यह आशंका सामने आई कि बैंक को जमीन पहले ही बेटियों के नाम हस्तांतरित किए जाने की जानकारी नहीं दी गई थी।
मामले में आगे तब नया मोड़ आया, जब कर्ज की अदायगी नहीं होने पर बैंक ने वसूली की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद अक्टूबर 2017 में बेटियों की ओर से सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर कराया गया। इस मुकदमे में जमीन पर बेटियों का मालिकाना हक बताते हुए बैंक की ओर से जमीन जब्त किए जाने का विरोध किया गया।
EOW ने इन सभी घटनाक्रमों की जांच के बाद जीशान अली और उनकी पत्नी नाजनीन अली के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
अब इस मामले में जांच एजेंसी की भूमिका, जमीन के हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेज और बैंक से लिए गए कर्ज की प्रक्रिया अहम मानी जा रही है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
फिलहाल, इस मामले ने जमीन के मालिकाना हक और बैंक लोन से जुड़े दस्तावेजों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




