मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के किनारे चल रहे जुए के एक बड़े अड्डे पर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की, लेकिन पुलिस को देखते ही जुआरियों में ऐसी भगदड़ मची कि कोई नाव लेकर भागा, तो कोई अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में कूद गया।
मामला माखननगर और शाहगंज थाना क्षेत्र की सीमा का है, जहां नसीराबाद ढाना और शाहगंज बॉर्डर पर सुबह-सुबह पुलिस की टीम जुआरियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी। पुलिस को सामने देखते ही मौके पर मौजूद करीब 40 से 50 जुआरी भागने लगे। कुछ लोग नाव में बैठकर नदी पार करने लगे, जबकि 6 से 7 लोग पुलिस से बचने के लिए सीधे नर्मदा नदी में कूद गए।
बताया जा रहा है कि जुआरी नाव के सहारे नदी पार कर दूसरी ओर निकल गए। नदी में तेज बहाव और खतरनाक रास्ते को देखते हुए पुलिस ने उनका पीछा करना उचित नहीं समझा।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से नाव और ताश की गड्डी जब्त की। वहीं, जुए के अड्डे पर लगाए गए टेंट और दरी को भी जला दिया गया। एएसपी अभिषेक राजन के मुताबिक, नसीराबाद ढाना और शाहगंज की सीमा पर अलग-अलग स्थानों पर बड़े स्तर पर जुए की फड़ संचालित होने की जानकारी मिली थी।
इस पूरे मामले में जुआरियों के यहां पहुंचने का तरीका भी हैरान करने वाला है। बताया जाता है कि सीहोर जिले के नांदनेर और नर्मदापुरम के आमखेड़ी खदान ढाना क्षेत्र में जुए के अड्डे संचालित होते हैं। जुआ खेलने आने वालों की गाड़ियां मौके से करीब 5 से 7 किलोमीटर दूर खड़ी कराई जाती हैं। इसके बाद उन्हें ट्रैक्टर से नदी किनारे लाया जाता है और फिर नाव के जरिए जुए की फड़ तक पहुंचाया जाता है। यहां तक कि जुआरियों को मोबाइल इस्तेमाल करने की भी अनुमति नहीं होती।
फिलहाल, पुलिस की इस कार्रवाई ने नर्मदा किनारे संचालित जुए के अड्डों की गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस फरार जुआरियों की पहचान कर उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई करती है।




