देश के कई राज्यों में लगातार बारिश, बर्फबारी और लैंडस्लाइड ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड में ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी के बीच 136 पर्वतारोही, ट्रैकर और सपोर्ट स्टाफ फंस गए हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें उन्हें सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड के चलते आदि कैलाश मार्ग समेत 86 सड़कें बंद हैं। चमोली में 21, नैनीताल में 18 और पिथौरागढ़ में 15 सड़कें प्रभावित हैं। कई इलाकों में आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
उधर, बिहार में भी बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। नेपाल से गंडक नदी में पानी छोड़े जाने के बाद पश्चिम चंपारण और सुपौल के 23 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। करीब 82 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने सुरक्षित स्थानों पर जाने की चुनौती बनी हुई है।
अब बात उत्तर प्रदेश की, जहां चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। गोंडा और बदायूं में छोटे पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। आंधी और बारिश से पिछले दो दिनों में 63 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
प्रदेश की आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कुशीनगर में दो गांवों के करीब 1,400 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं, राज्य के 46 जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
फिलहाल प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। मौसम के बिगड़े हालात को देखते हुए लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। देश के कई हिस्सों में मौसम का यह मिजाज आने वाले समय में और चुनौती बढ़ा सकता है।




