IIT बॉम्बे में शुक्रवार शाम एक सेकेंड ईयर के छात्र की मौत से कैंपस में हड़कंप मच गया। छात्र एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ाई कर रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसी दिन परीक्षा के दौरान छात्र मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था।
IIT बॉम्बे के अनुसार, छात्र ने परीक्षा का क्वेश्चन पेपर ChatGPT पर अपलोड किया था। संस्थान का कहना है कि इस मामले में छात्र के खिलाफ उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
पुलिस के मुताबिक, परीक्षा शाम करीब 4 बजे खत्म हुई। इसके बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में चला गया। शाम को वह अपने कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए राजावाड़ी अस्पताल भेज दिया।
इस घटना की खबर सामने आते ही IIT बॉम्बे के छात्रों में नाराजगी और चिंता देखने को मिली। छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने छात्र कल्याण, मानसिक दबाव और संस्थान की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए।
बताया जा रहा है कि पिछले सात महीनों में IIT बॉम्बे कैंपस में छात्र की आत्महत्या का यह तीसरा मामला है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने कैंपस में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर फिर चर्चा तेज कर दी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि शैक्षणिक दबाव और छात्रों की व्यक्तिगत परेशानियों के बीच संस्थानों में सहायता और संवाद की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।




