नगालैंड के तुएनसांग जिले से बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां पिछले तीन दिनों के दौरान जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
पुलिस के मुताबिक, शराब पीने के बाद कुछ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई और हालत गंभीर होने के बाद उनकी मौत हो गई। लगातार सामने आ रही मौतों की जानकारी मिलने के बाद तुएनसांग पुलिस हरकत में आई और अवैध शराब के खिलाफ बड़े स्तर पर तलाशी और छापेमारी अभियान शुरू किया।
पुलिस ने तुएनसांग शहर के साथ-साथ चेंदांग सैडल इलाके में भी कई ठिकानों पर दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान शराब के कई पाउच, करीब 470 बोतल IMFL यानी इंडियन मेड फॉरेन लिकर और बड़ी संख्या में बीयर के कैन जब्त किए गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नगालैंड में शराब की बिक्री और सेवन पर लंबे समय से प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी ने अवैध शराब के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लोगों तक शराब कहां से पहुंची और क्या मौतों का सीधा संबंध किसी जहरीले या मिलावटी शराब के सेवन से है।
नौ मौतों के बाद इलाके में डर का माहौल है। पुलिस की कार्रवाई जारी है और अब सबसे बड़ा सवाल यही है—आखिर प्रतिबंध के बावजूद जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन है?




