बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के भविष्य और परिवारवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनके बयान के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा उनकी 19 वर्षीय भतीजी दीपिका आनंद को लेकर हो रही है।
मायावती ने संकेत दिया है कि भविष्य में दीपिका आनंद को पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। दीपिका फिलहाल वकालत की पढ़ाई कर रही हैं। मायावती के मुताबिक, अगर उनके भाई आनंद कुमार को संगठन में मदद की जरूरत पड़ती है, तो उनकी इकलौती बेटी दीपिका उनकी मदद कर सकती हैं। उनकी ईमानदारी और कार्यक्षमता को देखते हुए आगे चलकर उन्हें पार्टी में जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना से भी मायावती ने इनकार नहीं किया।
लेकिन इसी के साथ मायावती ने अपने दोनों भतीजों आकाश और ईशान को लेकर अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया है।
मायावती ने कहा है कि आकाश और ईशान को पार्टी में कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा। इतना ही नहीं, भविष्य में उनके बच्चों को भी राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं मिलेगी। मायावती ने अपने इस फैसले को कांशीराम की विचारधारा से जोड़ते हुए कहा कि वह परिवारवाद के खिलाफ खड़ी हैं और किसी भी तरह के पारिवारिक मोह में नहीं पड़ेंगी।
दरअसल, मायावती ने दो दिन पहले ही अपने भतीजे आकाश को पार्टी से बाहर कर दिया था। वहीं ईशान अभी संगठन से जुड़े काम को संभाल रहे हैं और 19 राज्यों की संगठनात्मक समीक्षा की जिम्मेदारी उनके पास है।
मायावती ने अपने निजी जीवन का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि वह अविवाहित हैं और महिला होने के कारण मजबूरी में उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार को साथ रखा। लेकिन अब वह किसी मोह में पड़ने वाली नहीं हैं।
ऐसे में मायावती के इस बयान ने बसपा के भविष्य को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में दीपिका आनंद बसपा के संगठन में एक बड़ी भूमिका निभाएंगी और क्या पार्टी की अगली पीढ़ी की कमान उनके हाथों में दिखाई दे सकती है?
फिलहाल मायावती के संकेत ने बसपा की राजनीति में एक नए समीकरण की संभावना जरूर पैदा कर दी है।




