सागर के बंडा और शाहगढ़ इलाके में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में अब तक 33 आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से 18 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, जांच का अगला बड़ा केंद्र फरार आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि मनीष लोधी बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसी ठेकेदार है और पुलिस जांच में उसके कथित नकली शराब नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप सामने आए हैं। पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जांच के दौरान कुछ स्थानों पर उसकी लोकेशन मिलने की जानकारी भी सामने आई है, जिसके बाद पुलिस की सक्रियता और बढ़ गई है।
इस बीच प्रशासन ने मनीष लोधी से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की है। बंडा में सागर रोड स्थित उसके ढाबे और बार को प्रशासन ने सील कर दिया है। इसके अलावा कथित अवैध निर्माण पर भी प्रशासन का बुलडोजर चला है। कार्रवाई का मकसद अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर शिकंजा कसना और आरोपियों पर दबाव बढ़ाना बताया जा रहा है।
इस मामले में पुलिस ने पहले मास्टरमाइंड बताए जा रहे रवि को गिरफ्तार किया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नकली और जहरीली शराब का नेटवर्क कितने लोगों तक फैला हुआ था, शराब कहां तैयार या सप्लाई की जाती थी और इस पूरे खेल में किस-किस की भूमिका थी।
जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासन पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई को इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की अहम कोशिश माना जा रहा है। फिलहाल 18 आरोपी सलाखों के पीछे हैं, जबकि मनीष लोधी समेत बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तलाश जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।




