नेपाल के देवीघाट में बाढ़ ने ऐसी तबाही मचाई है, जिसे देखकर हर कोई सिहर उठा। 30 अगस्त की सुबह जब हम देवीघाट पहुंचे, तो चारों तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा नजर आया। कहीं लोग अपने घर का सामान तलाश रहे थे, तो कहीं अपनों की खोज में भटकते दिखाई दिए।
लेकिन तभी अचानक बाढ़ का अलर्ट आया और कुछ ही पलों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग चिल्लाते हुए सुरक्षित जगहों की तरफ भागने लगे। देखते ही देखते महज 30 सेकेंड में पूरा कस्बा खाली हो गया।
देवीघाट नेपाल के नुवाकोट जिले में त्रिशूली और ताड़ी नदी के संगम पर बसा है। 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने भोटेकोशी-त्रिशूली नदी कॉरिडोर में भारी तबाही मचाई थी, जिसका असर देवीघाट तक भी पहुंचा।
बाढ़ का पानी और उसके साथ आया मलबा इतना खतरनाक था कि करीब 20 हजार की आबादी वाले इस कस्बे का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा मलबे में दब गया। मकान, दुकानें और लोगों की जिंदगी भर की कमाई—सब कुछ पानी के तेज बहाव में बह गया।
अब हालात ये हैं कि हजारों लोग अपने घरों और परिवार के सदस्यों की तलाश में हैं। स्थानीय स्तर पर करीब 7 हजार लोगों के लापता होने की बात सामने आ रही है।
नेपाल में इस आपदा ने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
देवीघाट की तस्वीरें सिर्फ तबाही की कहानी नहीं बतातीं, बल्कि ये भी दिखाती हैं कि पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ कितनी तेजी से जिंदगी को पलट सकती है। कुछ मिनट पहले जहां लोग अपने घरों और दुकानों में थे, वहीं अगले ही पल उन्हें जान बचाने के लिए भागना पड़ा। बाढ़ का पानी उतर गया है, लेकिन पीछे छोड़ गया है मलबा, तबाही और हजारों परिवारों का दर्द।




