देश के कई हिस्सों में मानसून ने हालात बिगाड़ दिए हैं। छत्तीसगढ़, बिहार, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बना हुआ है, जबकि राजस्थान के कई जिलों में बारिश की कमी से सूखे जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं।
बिहार में गंगा और गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पटना का दीघा घाट पानी में डूब चुका है। वहीं बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए राज्य के 15 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
उधर मध्य प्रदेश के सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। सबसे गंभीर स्थिति चित्रकूट में है, जहां मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब 26 फीट ऊपर बह रही है। नदी के उफान ने घाट किनारे की करीब 400 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया है।
कई लोग घरों और होटलों में फंस गए हैं। राहत और बचाव अभियान के लिए SDRF की टीमें मैदान में हैं। फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए दो हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
वहीं राजस्थान में मौसम की तस्वीर बिल्कुल अलग है। जयपुर समेत 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। कमजोर मानसून के चलते जयपुर सहित 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बनने की बात सामने आ रही है। यानी एक तरफ देश के कई हिस्से पानी में डूब रहे हैं, तो दूसरी तरफ राजस्थान के कई इलाकों में लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
ऐसे में प्रशासन के साथ आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखना और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है।




