नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की दिशा से भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आया, जिसने देखते ही देखते कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ इतनी भयावह थी कि पावर प्लांट, पुल और कई अन्य ढांचे पानी के तेज बहाव में बह गए।
नेपाल पुलिस के मुताबिक अब तक 95 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि 500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी है। सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल के रास्ते आगे बढ़ रहे थे। इसके अलावा 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटकों के भी लापता होने की सूचना है।
अचानक आई इस बाढ़ ने राहत और बचाव अभियान को भी मुश्किल बना दिया है। नेपाली प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
वहीं, खतरा अभी टला नहीं है। नेपाली अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इलाके में एक बार फिर बाढ़ का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक जिस ग्लेशियल झील के फटने से अचानक बाढ़ आई थी, वहां अभी भी करीब 7 मीटर ऊंचा पानी का बांध बना हुआ है। अगर यह बांध टूटता है तो एक और विनाशकारी बाढ़ आ सकती है।
फिलहाल नेपाल में दहशत का माहौल है। भारत भी अपने नागरिकों की सुरक्षा और उनकी जानकारी जुटाने के लिए लगातार संपर्क में है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि 133 भारतीयों समेत सैकड़ों लापता लोगों का क्या हुआ और क्या उन्हें समय रहते सुरक्षित बचाया जा सकेगा।







