झारखंड की राजधानी रांची में PSC-SSC में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब बड़े प्रदर्शन में बदल गया है। हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़े और विधानसभा जाने वाली सड़क तक पहुंच गए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने रास्ते में कंटीले तार लगाए हैं और सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
रविवार रात से ही 5 हजार से ज्यादा छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटने लगे थे। छात्रों का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और धांधली से उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसी को लेकर छात्र सरकार से जवाब और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इस आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो भी एंबुलेंस से पहुंचे और छात्रों के बीच शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने प्रदर्शनकारियों का उत्साह और बढ़ा दिया।
छात्रों के प्रदर्शन के बीच बीजेपी विधायक भी छात्रों के समर्थन में मैदान में उतर आए। भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना देकर सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। हालांकि, बाद में पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।
वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राजधानी में सुरक्षा का भारी इंतजाम किया है। शहर के संवेदनशील इलाकों में कंटीले तार लगाए गए हैं, जबकि छह लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। CCTV कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
विधानसभा के करीब दो किलोमीटर के दायरे में वाटर कैनन तैनात किए गए हैं और दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल रांची बुलाया गया है। इसके अलावा BNS की धारा 163 लागू है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि छात्रों का यह आंदोलन सरकार को कितना झुकाएगा और PSC-SSC से जुड़ी उनकी मांगों पर सरकार क्या फैसला लेती है। फिलहाल रांची में छात्र सड़क पर हैं और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।




